
गेवरा माईन के अंदर संचालित केन्टीने जैसे- वर्कशॉप केन्टीन, सैलो केन्टीन, क्वारी केन्टीन, वेस्ट केन्टीन एवं ए.सी. केन्टीन को बन्द कर दिया गया है। जिस कारण माईन के अंदर काम करने वाले कर्मचारियों को चाय/नास्ता के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
52 मिलियन टन प्रोडक्शन देने वाली गेवरा माईन के कर्मचारियों को चाय/नास्ते के लिए भटकना पड़ रहा है। जबकि माईस रूल 1955 के रूल 64 (केन्टीन की व्यवस्था) में स्पष्ट उल्लेख है कि 250 से अधिक मेनपावर होने से केन्टीन की व्यवस्था किया जायेगा या फिर केन्टीन की वैकल्पिक व्यवस्था किया जायेगा, लेकिन वर्तमान समय में किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं है।
एसईसीएल प्रबंधन द्वारा सुरक्षा का विशेष ध्यान दिया जा रहा है लेकिन गेवरा माईन्स के अंदर अवैध रूप से लोग मोटर साईकिल/साईकिल में दाल-भात खुले आम बेच रहे हैं एवं कई लोग टेन्ट लगाकर चाय-नास्ता, खाना अवैध रूप से बेच रहे है। ऐसे लोग खदान में कैसे आते है, क्या सीआईएसएफ इन्हें नहीं रोकता ? या फिर आपसी तालमेल है ? इस पर अविलंब प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता है। नहीं तो किसी भी दिन दुर्घटना घट सकती है।

