
प्रदेशभर में कुपोषण को खत्म करने ‘मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान’ चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान (Suposhan Abhiyan) और गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सुराजी सुपोषित कोरिया अभियान तेजी से क्रियान्वित किया जा रहा है। कोरिया जिला कलेक्टर श्याम धावड़े (Collector Shyam Dhawade) इस अभियान की निरंतर मानिटरिंग (Monitering) कर रहे है। इस अभियान की समीक्षा के दौरान कार्य दायित्वों के प्रति लापरवाह पाए जाने वाले चार सेक्टर सुपरवाइजरों (Supervisors) की दो-दो वेतन वृद्धि रोकने के आदेश जारी किए गए हैं।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि कलेक्टर श्याम धावड़े ने बच्चों के सुपोषण अभियान को गंभीरता से लेते हुए सतत मानिटरिंग (Monitering) के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। इसके तहत बच्चों के साथ गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य के लिए पोषक आहारों का वितरण किया जा रहा है और साथ ही साथ उनके स्वास्थ्य की निरंतर जांच भी कराई जा रही है। इसके अलावा वजन त्यौहार के माध्यम से प्रत्येक बच्चे के स्वास्थ्य का औसत आंकलन करके अभियान की प्रगति पर समीक्षा की जा रही है।
जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी कुणाल दुदावत ने बताया कि गत सप्ताह कलेक्टर कोरिया द्वारा सुपोषण अभियान (Suposhan Abhiyan) की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि बैकुण्ठपुर विकासखण्ड के सेक्टर रनई की सुपरवाइजर विमला भगत, भरतपुर विकासखण्ड के सेक्टर कुंवारपुर की सुपरवाइजर सरोजबाला, कंजिया सेक्टर की सुपरवाइजर नर्मदा अनंत और खमरौध की सेक्टर सुपरवाइजर गीता गौंटिया द्वारा अपने कार्य दायित्वों का निर्वहन जिम्मेदारी पूर्वक ना करने से ही इन सेक्टरों में कुपोषण की दर में वृद्धि हुई।


