
एसईसीएल दीपका की खदान इन दिनों फिर सुर्खियों में आ गई है। दीपका खदान में रोड सेल के कोयला उठाव के लिए डीईओ लगाया गया है। डीओ होल्डर अशोक तिवर्ता कंपनी के द्वारा बिना पर्ची बाबू के हस्ताक्षर के ही सीधे गाड़ियों को लोडिंग पॉइंट तक पहुंचा दिया गया। जिसकी जानकारी दूसरे लिफ्टरो को हुई,लिफ्टर के हस्तक्षेप के बाद प्रबंधन हरकत में आया और गाड़ियों को रोका गया। अब तक की जांच में एस ई सी एल दीपका प्रबंधन ने एक गाड़ी को ब्लैक लिस्ट किया है बाकी 34 ट्रको की जांच की जा रही हैं हम आपको बता दें कि 2 दिन पूर्व ही इसी तरह के एक मामले में विंड एनर्जी के 50 गाड़ियों को बिना पर्ची के ही फर्जी हस्ताक्षर के साथ एसईसीएल प्रबंधन ने पकड़ा था जिस पर कार्यवाही चल ही रही थी कि दूसरे दिन इस प्रकार के एक और घटना सामने आई है जहां अशोक तिवार्ता कंपनी के द्वारा करीब 35 गाड़ियों को फर्जी हस्ताक्षर या फिर कहें फर्जी टोकन के माध्यम से खदान के अंदर प्रवेश किया गया लगातार हो रहे इस तरह के हरकतों से सीसीएल प्रबंधन भी सत्य में आ गई है गौर फरमाने वाली बात है कि अमानत में खयानत का मामला इस तरह की हरकतों से बनता है एसईसीएल प्रबंधन महज वाहनों को ब्लैक लिस्ट कर इतिश्री कर लेते हैं जबकि ऐसे मामलों में पुलिस का हस्तक्षेप जरूरी है
गौरतलब है कि जिस तरह फर्जी हस्ताक्षर के माध्यम से गाड़ियों का एंट्री किया गया है वह एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। जब गाड़ियों के एंट्री बिना सक्षम लोगों की जानकारी के हो सकती है तो निकासी भी बिना किसी सक्षम अधिकारियों के जानकारी के भी हो सकती है। इस तरह की हरकतों से कोयला चोरी की संभावना बढ़ जाती है। बाहर हाल दिल का प्रबंधन द्वारा जांच में एक गाड़ी को ब्लैक लिस्ट किया गया है देखना होगा कि बाकी 34 गाड़ियों पर क्या कार्रवाई करती है



