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संयुक्त केंद्रीय श्रमिक संगठन मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए मिलकर लड़ेगी लड़ाई…

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गेवरा /दीपका न्यूज़ देवेंद्र खरे*
कल कोल इंडिया के श्रमिक संगठनों के आह्वान पर संयुक्त मोर्चा के तय कार्यक्रम के अनुसार एसईसीएल गेवरा प्रोजेक्ट के वर्कर क्लब मे सभा का आयोजन करते हुए संयुक्त मोर्चा से आए पांचों यूनियन के नेताओं ने 28 29 मार्च को होने वाली काम बंद और खदान बंद हड़ताल को सफल बनाने की सभी श्रमिक साथियों से अपील की.


  बता दे 28-29 मार्च को कोयला मजदूर केंद्र सरकार के तानाशाही रवैया के खिलाफ रणनीति तैयार कर आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं और खदान बंद करने की चेतावनी दी है.
   इस सभा में उपस्थित सभी श्रमिक नेताओं ने एक मंच में आकर एक स्वर से केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों की आलोचना की एवं पूरजोर विरोध करते हुए कोल इंडिया का निजी करण का विरोध एवं मजदूरों के सुविधाओं मे छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं करने की कसम खाई.
एवं अपनी प्रमुख मांगों में एवं मजदूरों के रिटायरमेंट की अवधि 62 वर्ष किए जाने मेडिकल अनफिट तथा कोल बेरिंग एक्ट 2013 के आधार पर विस्थापितों को नौकरी मुआवजा बसाहट की व्यवस्था भू-स्थापितो के लंबित पड़े मामलों का निपटारा एवं कोयला उद्योग से ठेका श्रमिकों को हाई पावर एचपीसी वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए एवं अन्य हमारी जितनी भी मजदूरों के हितों से संबंधित जुड़ी हुई जो मांग है इसे लेकर मजदूरों ने आंदोलन की हुंकार भरी है.


इस बीच सभा में उपस्थित एटक यूनियन से हरिद्वार सिंह ने कहा कि कोल इंडिया का सरकारी करण सन 1971 से 73 के बीच किया गया जिसका प्रमुख उद्देश्य कोयला श्रमिकों की सुरक्षा एवं उनके परिश्रम का उचित लाभ दिया जा सके तथा मजदूरों का शोषण ना हो लेकिन वर्तमान की केंद्र सरकार ने मजदूर विरोधी नीतियों के चलते मजदूरों की तमाम प्रकार की सुविधाओं पर बंदिश लगा कर निजीकरण करना चाहती है जिससे मजदूरों के परिवार पर संकट पैदा होगा इसे हम मजदूर बर्दाश्त नहीं करेंगे चाहे इसके लिए हमें कुछ भी करना पड़े

वहीं उपस्थित एचएमएस से नाथूलाल पांडे ने कहा कि केंद्र सरकार की तानाशाही रवैया को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. कोल इंडिया एक ऐसी कंपनी है जो मजदूरों के बल पर ही आज हजारों करोड़ रुपए का मुनाफा सरकार को दे रही है लेकिन इसके विपरीत फायदे में भी चलने वाली कंपनी को सरकार के गलत नीतियों के चलते सरकार इसे अपने निजी पूंजी पतियों के हवाले कर निजीकरण करने की तैयारी की कर रही है.
ऐसा हो जाने पर मजदूरों की सुविधाएं एक-एक करके छिन जाएगी सरकार की इस मंशा के खिलाफ पूरा कोल इंडिया मजदूर संघ अपनी लड़ाई जारी रखेगा.
     सभा में उपस्थित आंदोलन को सफल बनाने के लिए संयुक्त मोर्चा संघ इंटक से  बी एन शुक्ला गोपाल नारायण सिंह ए के राय एचएमएस से रेशम लाल यादव एस सी मंसूरी कामरेड व्ही एम मनोहर,जनाराम,सीताराम खरे,अजय प्रताप सिंह सीटू से देवेंद्र कुमार निराला एवं पांचो यूनियन एचएमएस एटक सीटू इंटक एस ई के एम सी से आए प्रतिनिधि मौजूद रहे.
  अंत में आभार प्रदर्शन एटक यूनियन से दीपक उपाध्याय के द्वारा किया गया.

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