
रशिया की कंपनी बायलाज के द्वारा सन 2020 में एसईसीएल गेवरा को डेढ़ सौ टन क्षमता वाले 77 डंफरों की सप्लाई की गई थी। रशिया की कंपनी से यह तय हुआ था कि 1 साल की गारंटी कंपनी द्वारा प्रति वाहनों पर दी जाएगी साथ ही आगामी 7 सालों तक लगातार इन वाहनों में लगने वाले समस्त स्पेयर पर्टस एवं मेंटनेंस कंपनी द्वारा ही किया जाएगा। जो वाहन 2020 में आये है उनमें से मात्र 22 डंफर ही खदान मे चल रहे हैं बाकी खडे है।
Vo एसईसीएल की सबसे बड़ी गेवरा खदान से कोयला ही नहीं बल्कि भ्रष्टाचार भी उत्पादित हो रहा है कोयले के नाम पर यहां चल रही भर्रा शाही के अलावा अधिकारियों को जहां भी अवसर मिलता है वे हाथ साफ करने से बाज नहीं आते। अब रसिया से खरीदे गए डंपर के मामले में भी यही हो रहा है ।बड़ी लागत से 77 डंपर खरीदे गए इनमें से अधिकांश डंपर सप्लाई के बाद से ही वर्कशॉप में खड़े हैं। इन्हें खदान में उतारा तक नहीं गया ।इनके मेंटेनेंस के नाम पर राशि का आहरण कर उसकी बंदरबांट की जा रही है ऐसा सूत्रों का दावा है। इस मामले में जब गेवरा के संबंधित अधिकारियों से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो कहीं मोबाइल नहीं उठा तो कहीं कार्यालय में कोई कुछ भी कहने से परहेज करता मिला
