
सावन माह भगवान शिव को समर्पित है। इस पूरे मास में भक्तगण भगवान शिव की आराधना करने के साथ व्रत रखते हैं। सावन मास के दौरान भगवान शिव को जल के साथ-साथ बेलपत्र, धतूरा, शमी की पत्ती आदि चढ़ाना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही इस महीने में ही कांवड़ यात्रा आरंभ हो जाती है, पुराणों के मुताबिक शिवजी को चढ़ने वाले फूल-पत्ते बारिश में ही आते हैं इसलिए सावन में शिव पूजा की परंपरा बनी उसी दौरान गेवरा मे स्थित बड़े शिव मंदिर में भी भक्तों द्वार उत्साह से प्रसाद वितरण किया गया जिसमे विशेष रूप से छत्रेश जायसवाल और वाशु दिनकर की अहम भूमिका थी ।

