
जांजगीर-चांपा/लोकल हलचल न्यूज: कार्यालय जिला पंचायत (छ.ग.) का पत्र क्र. / 1647 / जि.पं. / मनरेगा / एम. आई.एस. / 2019 जांजगीर दिनांक 10/10/2019 द्वारा जिले के जनपद पंचायतों में महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत निजी शौचालय निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये थे। वर्ष 2015-16 से 2019-20 ( सितम्बर 2019 ) की स्थिति तक पूर्ण / प्रगतिरत कार्यों में स्वीकृत राशि से अधिक का राशि का भुगतान के संबंध में जिले के सभी जनपद पंचायतों में संदर्भित पत्र के साथ कार्यों की सूची (संलग्न) जांच हेतु प्रदान किया गया था।
उक्त पत्र के तारतम्य में जनपद पंचायत जनपद पंचायत पामगढ़ में तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, श्री डी.एस. यादव, कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा एवं सहायक प्रोग्रामर मनरेगा द्वारा जांच किया गया, जिसमें ग्राम पंचायत सेमरिया, भंवतरा एवं ग्राम धनगांव में महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत स्वीकृत निजी शौचालय राशि से अधिक का भुगतान होना पाया। ग्राम पंचायत सेमरिया में कुल 547 नग भक्तरा में 155 नग एवं धनगांव में 142 नग शौचालय बनाया गया एवं उतन राशि ग्राम पंचायत को भुगतान जिला पंचायत के द्वारा किया गया।
परन्तु जांच के दौरान पामगढ़ के महात्मा गांधी नरेगा शाखा में पदस्थ लेखापाल श्री दिनेश टंडन एवं डाटा एंट्री आपरेटर बलराम सूर्यवंशी के द्वारा ग्राम पंचायत सेमरिया में 70700/- रूपयें, भक्तरा में 372942 /- रूपयें एवं धनगांव में 201600 / रूपयें कुल 645242/- (छै: लाख पैतालीस हजार दो सौ बियालीस रूपये) का भुगतान अपने नजदीकी वेंडर विनोद यादव को कर दिया गया है। इतना ही जांच के दौरान ही अन्य कार्यों में में 416560 /- (चार लाख सोलह हजार पांच सौ साठ रूपयें ) का मूल्यांकन राशि से अधिक का भुगतान संबंधित लेखापाल के ही द्वारा अपने नजदीकी वेंडर विनोद यादव को किया गया है। कुल इस तरह लेखापाल के द्वारा 1061802 /- (दस लाख इकसठ हजार आठ सौ दो रूपये) कथित रूप से भ्रष्टाचार कर शासन की राशि का गबन किया है।
जांच के दौरान नोटशीट पर कार्यक्रम अधिकारी 1061802 /- (दस लाख इकसठ हजार आठ सौ दो रूपये) वसूली संबंधित ग्राम पंचायत से करने हेतु टीप अंकित किया गया, चुंकि उपरोक्त फर्जी राशि का आहरण लेखापाल के द्वारा किया जाना सिद्ध होने पर कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा द्वारा उक्त जांच नोटशीट को दबा दिया है तथा संबंधित लेखापाल एवं आपरेटर के ऊपर आज पर्यंत तक वूसली एवं कठोर कार्यवाही करने हेतु किसी प्रकार की कोई पहल नहीं किया गया है जिससे प्रतीत होता है कि उक्त फर्जी राशि आहरण में कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा एवं जिला पंचायत के सहायक परियाजना अधिकारी विजयेन्द्र सिंह का संलिप्तता होना उजागर होता है। क्योंकि मनरेगा शौचालय की सामग्री भुगतान राशि जिला पंचायत के सहायक परियोजना अधिकारी विजयेन्द्र सिंह द्वारा किया गया है। तत्कालीन समय में जिला पंचायत के सहायक परियोजना अधिकारी द्वारा बिना कमोशन लिये शौचालय का भुगतान नहीं किया जा रहा था, मजे की बात यह है कि जनपद पंचायत नवागढ़ में पदस्थ एक लेखापाल द्वारा बताया गया था कि श्रीविजयेन्द्र सिंह सहायक परियोजना अधिकारी जिला पंचायत को वाट्सअप द्वारा एफ.टी.ओ. भेजने पर भुगतान कर दिया जाता था। एक जिम्मेदार अधिकारी द्वारा कमीशन लेकर करोड़ों रूपय का फर्जी भुगतान कर दिया गया है।
उक्त फर्जी भुगतान के संबंध में सतीश कुमार सिन्हा द्वारा केन्द्रीयकृत लोक शिकायत निवारण प्रणाली (सी.पी. ग्रामस) के अंतर्गत शिकायत दर्ज किया गया है। परन्तु जिम्मेदार अधिकारी द्वारा जांच कराने में कोई रूचि नहीं ला जा रही है।
जनपद पंचायत पामगढ़ के साथ-साथ जिले के अन्य जनपद पंचायतों में भी फर्जी शौचालय की भुगतान कर शासन की राशि का बंटरबाट कर गबन किया गया है। जिसकी जांच कराया जाकर फर्जी भुगतान में संलिप्त अधिकारी / कर्मचारी के ऊपर कठोर कार्यवाही
किया जायें।
