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धान खरीदी कल से: बारदाने को लेकर राजनीतिक तनाव जारी, कृषि मंत्री बोले – धान खरीदी में भाजपा कर रही साजिश.. बफला गए बृजमोहन

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रायपुर। प्रदेश में कल यानी की बुधवार से धान की खरीदी शुरू हो रही है। इस खरीफ वर्ष सरकार ने एक करोड़ 5 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी का लक्ष्य रखा है। लेकिन साथ ही बारदाने की कमी से धान खरीदी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसे लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने है।

सरकार में कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने मंगलवार को भाजपा पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने ने कहा है कि अस्पष्ट रूप से कहा है कि बारदाने के कमी के लिए भाजपा ने साजिश की है और इसके लिए भाजपा के नेता जिम्मेदार है। इस बयान पर पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

बृजमोहन ने कहा है ‘यह सरकार पूरी तरह झूठ बोलने वाली असत्य बोलने वाली सरकार है। विधानसभा में सरकार ने खुद जवाब दिया है कि बारदाने की व्यवस्था करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, जिन्होंने संविधान की शपथ ली है, ऐसे लोगों को असत्य बात नही बोलना चाहिए। बारदाने की व्यवस्था इनको करनी थी। साल भर पहले से क्यों नही की ? बालोद की घटना जो हुई है टोकन लेते समय 17 महिलाएं कुचल दी गई तो क्या इस सरकार की ऐसे ही धान खरीदी की पॉलिसी है। 25 सौ रुपये देकर उन्होंने अपनी पूरी जिम्मेदारी समझ ली। जबकि बिजली की सब्सिडी नहीं दे रहे है। खाद की सब्सिडी नहीं दे रहे है। इस सरकार में किसानों के लिए कोई व्यवस्था नही है।

इससे पहले रविंद्र चौबे ने कहा था ‘केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को प्रभावित किया जा रहा है। इस साजिश के चलते हमने पुराने बारदाने से धान खरीदी करने का निर्णय लिया है। सोसायटी में हमारे पास उपलब्धता है। वहाँ हमे जरुरत नहीं है इसके बावजूद किसाने पुराने बारदाने पर धान ला सकते हैं। इसे हमने सार्वजनिक तौर पर कहा था।

कृषि मंत्री ने आगे कहा कि, भूपेश सरकार धान खरीदी कर छग में सबसे बड़ा कार्य कर रही है। जिस तरह से प्रदेश में फसल का उत्पादन हुआ है और किसानों में उत्साह है और साथ ही मुख्यमंत्री के निर्देश पर 5 लाख मैट्रिक टन निर्धारित किया गया है। एक दिसम्बर से प्रदेश में धान खरीदी का उत्सवी माहौल है। इसके लिए हमने पूरी तैयारी कर ली है। पिछले वर्ष की तुलना में धान खरीदी केंद्र बढ़ा है और लक्ष्य भी बढ़ा है। आने वाले समय में धान खरीदी की पूरी व्यवस्था कर रहे हैं।

केंद्र सरकार को लगभग साढ़े 5 लाख गठान बारदानों की सप्लाई करना था लेकिन जूट कमिश्नर को आदेश होने के बावजूद एक लाख बारदान सप्लाई नहीं हो पाई है। इसके बावजूद भी राईस मिलर्स से पुराने बारदाने, पीडीएस के दुकानों से, साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान 1 दिसम्बर से अपने पुराने बारदाने से धान ला सकते हैं। टोकन और पंजीयन का काम लगभग पूर्ण हो चुकी है। कल से तौलने का काम शुरू होगा।

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