
नारायणपुर। जिले के छोटे डोंगर इलाके के ग्राम बांहकेर के जंगलों में सोमवार सुबह हुए डीआरजी और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में मारे गए नक्सली साकेत नुरेटी उर्फ़ भास्कर नुरेटी जवानों पर हुए हमले और उनकी हत्याओं में शामिल था। छोटे डोंगर में पिछले कई सालों से सक्रिय था। 10 लाख रूपये के ईनामी नक्सली साकेत नुरेटी कंपनी नंबर-06 का कमाण्डर था। वे 30 से अधिक नक्सल अपराधों में नामजद आरोपी रहा है। अधिकतर अपराधों का मुख्य लीडर और मास्टर माइंड भी रहा है।

पुलिस अधीक्षक गिरजा शंकर जयसवाल ने बताया कि छोटेड़ोंगर से डीआरजी नारायणपुर की 02 टीम ग्राम बांहकेर की ओर एरिया डाॅमिनेशन हेतु रवाना की गई थी। करीबन 10.30 बजे ग्राम बांहकेर के जंगल में पुलिस पार्टी पहुंची तो साकेत नरेटी उर्फ भास्कर नुरेटी के नेतृत्व वाली कम्पनी नम्बर-06 के लगभग 35-40 सशस्त्र वर्दीधारी नक्सलियों ने पुलिस बल को जान से मारने की नियत से अंधाधुध फायरिंग करना प्रारंभ कर दिया। इस पर डीआरजी के जवानों ने भी आत्मसुरक्षार्थ जवाबी कार्यवाही करते हुए नक्सलियों पर फायरिंग की। पुलिस बल के जवाबी कार्यवाही को भारी पड़ता देखकर सशस्त्र नक्सली फरार हो गये। फायरिंग रुकने पर पुलिस बल के द्वारा क्षेत्र की सर्चिंग की गई इस दौरान एक वर्दीधारी नक्सली का शव तथा एक ए.के.-47 रायफल बरामद किया गया। आत्मसमर्पित नक्सलियों और उपलब्ध प्रोफाईल फोटो के आधार पर नक्सली के शव की शिनाख्तगी की करवाई गई, जिसमें शव की पहचान कंपनी नंबर-6 के कमांडर साकेत नुरेटी उर्फ भास्कर नुरेटी के रूप में की गई।
साकेत नुरेटी उर्फ भास्कर नुरेटी की उम्र 40 वर्ष थी। वह बुढ़ाकुर्से थाना आमाबेड़ा जिला कांकेर का निवासी था। जो कि सीवायपीसी (कंपनी पार्टी कमेटी) कंपनी नंबर-06 का कम्पनी कमाण्डर था। साकेत नरेटी उर्फ भास्कर नुरेटी एके-47 रायफल, यूबीजीएल और मेनपैक सेट रखता था। इनके अधीन कम्पनी नंबर- 06 के करीबन 45-50 वर्दीधारी नक्सली शामिल थे।नुरेटी का मुख्य कार्यक्षेत्र, छोटेड़ोगर, धनोरा, बेनूर, फरसगांव, धौड़ाई, बारसूर, कुदूर, मर्दापाल, बयानार, झारा, बड़ेडोंगर और केशकाल का सम्पूर्ण क्षेत्र के साथ माड़िन नदी के किनारे से होकर बारसूर तक का क्षेत्र रहा है। राज्य सरकार के आदेश के तहत् इनके पदीय दायित्वों के आधार पर दस लाख रूपये ईनाम था।
इस पूरी कार्यवाही के लिए एसपी गिरजा शंकर जयसवाल ने ऑपरेशन में शामिल पूरी टीम को तत्काल नगद पुरुस्कार से पुरस्कृत किया। वहीं बस्तर आईजी पी. सुंदरराज ने पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाये दी गयी है।

